एक बार हम रात को नौ बजे जंगल में पहुंचे थोड़ी दूर हम चले तो पीछे से डरावनी आवाजे आने लगी तो हमने पीछे मूड कर देखा तो हमे कोई नहीं दिखा सिर्फ और सिर्फ अंधकार ही अंधकार था चारों तरफ फिर हम घबरा गए फिर हम थोड़ा और आगे चले तो हम एक पेड़ पर कुछ लटका हुआ दिखा हम पास में जाते हुए बहुत डर लग रहा था पास में जाने की हिममत ही नहीं हो रही थी जैसे तैसे करके हम थोड़ा पेड़ के पास पहुंचे अचानक हवाओं की तेज तेज आवाज आने लगी फिर हमे वहां से थोड़ी दूर भागाना पड़ा।
फिर अचानक से काली बिल्ली हमारे पास में आ गई जो हमारी तरफ अपनी लाल आंखो से घुर रही थी तो हमे बहुत डर लगने लगा फिर जोर जोर से चमगादड़ों की आवाजे आने लगी मन बहुत घबरा रहा था हाथ कांप रहे थे फिर अचानक ही घड़ी पर नजर गई तो रात के 12 बजने में 3मिनट थे फिर अचानक से एक मरा हुआ चूहा उपर से गिरा फिर जैसे ही चूहा गिरा बिल्ली ने जोर से झपट्टा मारा और चूहे को लेकर भाग गई हमारी जान में जान आयी फिर अचानक से ही कुत्तों के रोने की आवाजे आने लगी फिर हम थोड़ा डरते हुए आगे बढ़ने लगे बहुत जोर से दिल घबरा रहा था फिर सामने से हमे 2 आंखे चमकती हुई दिखी।
हम डरते हुए उसके पास जाने लगे हमारे पैर कांप रहे थे फिर जैसे तैसे हम उसके पास पहुंचे तो एक खरगोश दिखा जो हमसे डर के दुबका हुआ था फिर हमारे पास में जाते ही वो भाग गया फिर हम थोड़ा और आगे बढ़े तो जोरदार तूफानी हवाओं के साथ बिजली चमकने लगी और मूसलाधार बारिश होने लगी तो हम एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए फिर अचानक से किसी ने कंधे पर हाथ रखा हमारी तो जैसे धड़कन ही रुक गई फिर किसी ने कहा बीड़ी ह क्या हमारी तो पीछे मुड़ कर देखने की भी हिम्मत नहीं हो रही थी फिर वही आवाज कानों में सुनाई दी बीड़ी ह क्या फिर हिम्मत करके पीछे पलट कर देखा तो एक 60.65 साल का बुजुर्ग आदमी था।
उसके हाथ में कुल्हाड़ी थी हम तो सकपका गए फिर उसने दुबारा बोला बीड़ी ह क्या हमने कहा नहीं ह तो वो जाने लगा फिर उसके थोड़ी दूर जाने पर हमने उसको आवाज दी तो वो रुक गया हम उसके पास गए और पूछा की इस बियाबान जंगल में इतनी रात को आप क्या कर रहे ह तो उसने कहा कि में यही पास में रहता हूं उसकी झोपडी के पास कोई जंगली जानवर आ गया था वो उसको भगाने के लिए आया था फिर उसने हमसे कहा कि तुम यहां क्या कर रहे हो यहां से चले जाओ यहां बहुत खतरा ह फिर हम उसी आदमी के साथ उसकी झोपडी में आ गए और सो गए सुबह जब हमारी नींद खुली तो सुबह के 9 बज रहे थे फिर हम घर आ गए !!!!
यह लेख मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है आशा करते हैं आपको अच्छा लगा होगा इसी शुभकामनाओं के साथ आपका हृदय से आभार
ऐसे ही अन्य यात्रा वर्णन के लिए आप मेरी यादगार यात्रा पर आ सकते हैं




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जवाब देंहटाएंAti sundar kahani
जवाब देंहटाएंWow😱😱😱😱
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